सभी आईआईटी ने जेईई एडवांस्ड- 2020 परीक्षा के आयोजन के लिए जारी किए दिशा निर्देश।
Image Source : newindianexpress.com

जेईई मेन परीक्षा को लेकर उठ रहे सवालों को मद्देनजर रखते हुए आईआईटी ने परीक्षा को सुरक्षित कराने के लिए अपने दिशा निर्देश जारी कर दिए। जेईई एडवांस-2020 के चेयरमैन और आईआईटी दिल्ली के प्रोफेसर सिद्धार्थ पांडे ने कहा- की परीक्षा कक्ष में 2 छात्रों के बीच में 6 फीट की दूरी रखने के लिए बीच में 2 कंप्यूटरों को खाली रखा जाएगा यानी कि उस पर बच्चों को नहीं बैठाया जायेगा। छात्रों को अलग-अलग स्लॉट में केंद्र पहुंचना होगा।

अगर कोई छात्र कोविड-19 के नियमों का पालन नहीं करता है तो उसे परीक्षा से बाहर कर दिया जाएगा। हम छात्रों और अभिभावकों को यह विश्वास दिलाना चाहते हैं की परीक्षा से पहले और परीक्षा के दौरान कोविड-19 के नियमों का विशेष तौर पर पालन किया जाएगा इसके लिए सभी 23 आईआईटीके डायरेक्टर , शिक्षक और कर्मी मिलकर इसकी तैयारी करेंगे। परीक्षा केंद्र में आईआईटी के सीनियर अधिकारी स्वयं मौजूद रहेंगे ताकि किसी भी तरह की कोई दिक्कत या परेशानी का सामना न करना पड़े ।

इन दिशा निर्देशों का पालन करवायेंगा आईआईटी


●परीक्षा देने वाले सभी छात्र-छात्राओं के एडमिट कार्ड को बिना हाथ लगाए बारकोड से स्कैन किया जाएगा जिससे छात्र की सारी जानकारी जांच अधिकारी के सामने होगी।

●पेपर से पहले बैठने वाले एरिया, कुर्सी, मेज, मॉनिटर, कीबोर्ड माउस , दरवाजे, हैंडल विश्वविद्यालय छात्रों के लिए आदि को सैनिटाइज कराया जाएगा।

● केंद्र के बाहर से कमरे में जाने और कमरे में बैठने व खड़े होने की जगह पर गोल घेरा बनाया जाएगा तथा कमरे को सैनेटाइज किया जाएगा।

● परीक्षा केंद्र में प्रवेश से पहले छात्र का हाथ साबुन से धुलवाया जाएगा उसको एक नया मास्क और दस्ताना दिया जाएगा जिससे उसे पहनकर ही परीक्षा देना होगा।

● एनटीए की तरह आईआईटी जेईई एडवांस के दौरान अलग-अलग लाया जाएगा जिससे केंद्र के बाहर कम भीड़ एकत्रित हो परिजनों को परीक्षा केंद्र में खड़े होने की अनुमति नही होगी।
Image Source : newindianexpess.com

एआईसीटीई तथा यूजीसी ने जताई चिंता कहा अगर परीक्षा में और देरी हुई तो इसका असर छात्रों, शिक्षकों की नौकरी पर पड़ेगा। जेईई की परीक्षा में देरी के चलते देशभर के विश्वविद्यालयों में लाखों सीटों पर दाखिले अटके हुए हैं। इंजीनियरिंग मेडिकल से लेकर जनरल डिग्री प्रोग्राम में भी अभी तक दाखिला की प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। छात्र पहले जेईई और नीट के नतीजों को देखने के बाद अगर अपने मनपसंद कॉलेज नहीं मिलता है तो अन्य विश्वविद्यालयों में तो दाखिला लेते हैं। ऐसे में अगर परीक्षा में और देरी होती है तो इसका असर छात्रों के भविष्य पर ही पड़ेगा साथ ही शिक्षकों की नौकरी पर भी पड़ेगा।

यूजीसी ने इस पर चिंता जताई है क्योंकि इससे स्नातकों में प्रवेश अटके हैं अभी तक किसी भी संस्थान ने दाखिले की विंडो ओपन नहीं की है इनमें दाखिला जेईई मेरिट के आधार पर होगा या अन्य एग्जाम के आधार पर होगा। यदि इसमें और देरी होती है तो कॉलेज काउंसलिंग कब और कैसे होगी। इसके बाद एकेडमिक सत्र समाप्त होने वाला होगा देरी से लाखो सीटों पर दाखिले अटक जाएंगे। नीजी और अन्य तकनीकी कालेजों में दाखिला ना होने से हजारों की संख्या में शिक्षकों की नौकरी पर भी संकट आ जाएगा।

अगर हम दाखिले का कोई अन्य विकल्प चुनते हैं तो यह शिक्षा की गुणवत्ता को खत्म कर सकता है: आईआईटी

आईआईटी खड़गपुर के निदेशक प्रोफेसर वीरेंद्र तिवारी ने नीट और जेईई के आयोजन के खिलाफ हो रहे सियासी दलों के विरोध प्रदर्शन को गलत ठहराया है । उन्होंने कहा अगर परीक्षा कराने में और देरी हुई तो सत्र शून्य हो जाएगा जो छात्रों के लिए हितकर नहीं है हम जो भी फैसला ले रहे हैं छात्रों के हित को ध्यान में रखते हुए ले रहे हैं। यदि हम मेडिकल और इंजीनियरिंग में प्रवेश के लिए कोई अन्य रास्ता चुनते हैं तो इससे शिक्षा की गुणवत्ता और पारदर्शिता खत्म हो जाएगी। जिसका व्यापक असर और गंभीर परिणाम मिल सकते हैं। जेईई एडवांस 2021 के आयोजक संस्थान आईआईटी खड़कपुर के निर्देशक प्रोफेसर तिवारी ने कहा यदि हम प्रवेश के लिए किसी और विकल्प का इस्तेमाल करते हैं तो यह आईआईटी पणाली की पूरी प्रवेश प्रक्रिया को कमजोर कर देगा। मैं छात्रों और अभिभावकों से आग्रह करना चाहता हूं कि वह इसे चुनौती के तौर पर ले और दुनिया को अपनी साहस और गंभीरता की एक शांत परिभाषा दिखाए

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here