भारत और चीन सीमा तनाव के बीच 45 साल बाद गोलियां चली
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लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC – एलएसी) पर पूर्वी लद्दाख के क्षेत्र में भारत और चीन के मध्य तनाव दिन प्रति दिन बढ़ता जा रहा है। कल देर रात चीन की सेना ने लद्दाख में एक बार फिर घुसपैठ की कोशिश करते हुए भारतीय चौकी की तरफ फायरिंग की है। इसका जवाबी कारवाई करते हुए भारतीय सेना ने भी फायरिंग की। इस घटना के घटित होने के बाद फिर से चीन ने पुराना घिसा पीटा राग अलापते हुए भारत पर आरोप लगाने का काम शुरू कर दिया है।

चीनी सरकार के न्यूज़ एजेंसी ग्लोबल टाइम्स ने पूरी घटना का आरोप भारत पर मढ़ दिया है। न्यूज़ एजेंसी ग्लोबल टाइम्स कहना है कि भारतीय सेना (इंडियन आर्मी) ने गैरकानूनी तरीके से एलएसी क्रॉस करके पैंगोंग झील के दक्षिणी किनारे में घुस आए। भारतीय सैनिकों (इंडियन आर्मी) ने ही पहले गोली चलाई। और जवाबी कारवाई में चीनी सेना को जबरन फायरिंग करनी पड़ी। चीनी सेना के वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता के हवाले से पैंगोग सो के पास झड़प का दावा भी किया है।

भारत और चीन सीमा तनाव के बीच 45 साल बाद गोलियां चली
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1975 में भी गोलीयां चली थी

भारत और चीन के बीच सीमा को लेकर तनाव कम होने के आसार दूर दूर तक नहीं दिख रहे हैं। सोमवार की देर रात दोनों देशों के बीच 45 साल बाद ऐसी फायरिंग की घटना देखने को मिली है । पिछली बार लद्दाख में भारत और चीन सीमा पर 1975 में गोलियां चली थीं। उस टाइम अरुणाचल प्रदेश के तुलुंग ला में असम राइफल्स के जवानों की पैट्रोलिंग टीम पर हमला हुआ था, जिसमें कई जवान शहीद भी हो गए थे। 1993 में भारत और चीन के मध्य एक समझौता (संधि) हुआ था, जिसमें समझौते में ये सहमति बनी थी कि भारत और चीन सीमा पर किसी भी हाल में फायरिंग नहीं करेंगे। इसी संधि की वजह से पिछले कुछ महीने पहले 15 जून को गलवान घाटी में हिंसक झड़प के बाद भी दोनों तरफ से गोलीयां नहीं चली थी।

नहीं निकल पा रहा है कोई ठोस समाधान

भारत और चीन एलएसी पर जारी तनाव को कम करने के लिए बीते ढाई महीने के बीच कई बार सैन्य एवं राजनयिक स्तर की वार्ता हो चुकी है, लेकिन दोनों देशो के बीच सीमा विवाद का कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका है । गलवान घाटी में 15 जून को झड़प होने के बाद और पिछले महीने की 29 और 31 डेट को दक्षिण पैंगोंग झील के किनारे घुसपैठ की कोशिश के बाद फायरिंग की यह बहुत बड़ी घटना सामने आयी है। उस झड़प में 20 भारतीय जवान शहीद हो गये थे। इस दौरान चीनी सैनिक भी हताहत हुए थे, लेकिन चीन ने उसका कोई भी जानकारी सार्वजनिक नहीं किया था। लेकिन अमेरिकी खुफिया एजेन्सी रिपोर्ट के अनुसार कहा जा रहा था कि उस घटना में 35 चीनी सैनिक भी हताहत हुए थे।

पूर्वी लद्दाख में पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर भारतीय सेना की ओर से की गई फायरिंग वाले चीनी दावे को भारत सरकार ने झुठला दिया है। भारत ने बयान जारी कर कहा है कि पीएलए के जवानों ने उकसावे की कार्रवाई की है। भारत ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि भारतीय सेना ने एलएसी यानी वास्तविक नियंत्रण रेखा पर फायरिंग नहीं की है और न ही पार की है। बल्कि कुछ जगहों पर पीपुल्स लिबरेशन आर्मी ने ही फायरिंग की है। 

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