जब शुरुआत हुई थी तो यह जगह महज एक बंजर भूमि सी थी, जहां कुछ एक पेड़ थे। आज यहां बहुत से अधिक फल और सब्जियों तथा 100000 से अधिक पेड़ हैं। जो कि लगभग एक दशक में हासिल कर लिया गया। आज यहां 50 से अधिक प्रकार के पक्षियों के घर है। ओडिशा में श्रीश्री विश्वविद्यालय द्वारा किए पहल के पीछे का मक़सद जो भी हो। यह रास्ता प्रकृति की सुंदरता और सुदृढ़ता से जाता है।

श्रीश्री विश्वविद्यालय की स्थापना श्री श्री विश्वविद्यालय अधिनियम, 2009 के तहत ओडिशा के कटक जिले में दिसंबर, 2009 में की गई थी। हालांकि, यह वर्ष 2012 में पूर्ण परिचालन में आ गया। यह संस्थान पूर्वी भारत के प्राचीन मूल्यों और आधुनिक तकनीक के कॉम्बो पर आधारित है।

विश्वविद्यालय कृषि, स्वास्थ्य, मानविकी, साहित्य, विज्ञान आदि पर विश्वसनीय पाठ्यक्रम प्रदान करता है। परिसर का पर्यावरण अनुकूल वातावरण हमारे जीवन में प्रकृति के महत्व को जगाने के लिए एक अच्छी भूमिका निभाता है।

2016 में पहली बार डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्‍ट्रेशन, कटक द्वारा पर्यावरण ग्रीन कैंपस अवार्ड के साथ यह विश्वविद्यालय प्रकाश में आया। इसे वन और पर्यावरण मंत्रालय द्वारा 2016 का प्राकृत मित्र (Prakruti Mitra Award) पुरस्कार भी मिला।

विश्वविद्यालय का मानना है कि शिक्षा केवल व्यक्तिगत लाभ के लिए सीमित नहीं होनी चाहिए, यह समाज और प्रकृति के लिए कर्तव्यों को पूरा करने के लिए एक मार्ग को प्रशस्त करने में भी मदद करे।

नेशन ग्रीन मेंटर्स सम्मेलन, अहमदाबाद के द्वारा प्रकृति को उच्च शिक्षा में लाकर विश्वविद्यालय को ग्रीन यू अवार्ड, 2019 और इंस्पायरिंग क्लाइमेट एजुकेटियर अवार्ड 2019 से सम्मानित किया भी गया।

प्रकृति को सुदृढ़ करने में सहायता के लिए उनका अद्भुत योगदान सराहनीय है, एक दशक की यात्रा के दौरान कभी भी याद किया जाएगा, आज यह वन द्रव्यमान, विभिन्न प्रजातियों के लगभग 50 प्रकार के पक्षियों का घर है, जिनमें कुछ लुप्तप्राय हैं, जो कि औद्योगिक बढ़ोत्तरी के कारण लुप्त हो गए हैं।

आज प्रकृति का विकृत रूप किसी से छिपा नहीं है, और यह हम मानवों की ही देन है। एसे में यह पृथ्वी को बचाने के तरफ़ एक कदम है, जो कि हमारे अब तक का एकमात्र घर है। हर किसी को इससे सबक सीखना चाहिए, और पारिस्थितिकी तंत्र को संतुलित करने और फिर से हरे ग्रह को बनाने के लिए पहल करनी चाहिए।

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