त्यौहारों के मनाने के पीछे के रहस्य और मायने को समझना जरूरी है
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त्यौहारों के मनाने के पीछे के रहस्य को समझना एवं त्यौहारों के प्रति समाज के रुझान की समीक्षात्मक विवेचना करना आवश्यक है। बहुरा, सत्तुवान,नाग पंचमी, शिवरात्रि आदि त्योहारों का बहुत तेजी से प्रभाव हो रहा है। वहीं दिपावली, दशहरा, होली जैसे बड़े त्योहारों पर पुराना उत्साह परिवर्तित होकर, नए उत्साह ने जन्म लिया है। पहले सफाई, आत्मीयता, गीत, संस्कार त्योहारों के केंद्र बिंदु थे। वही आज शराब, पटाखों के प्रदूषण, भद्दगी और आग उगलती लाइटों से उत्साह का आवरण तैयार हो रहा है।

राम ने शक्ति की 9 दिनों तक उपासना की और दसवें दिन रावण को मारा। उसके बाद से हम आज तक दशहरा उत्साह के साथ मनाते आ रहे हैं। सारस्वत ब्राह्मण, पुलस्त्य ऋषि का पौत्र और विश्रवा का पुत्र, शिव का भक्त, उद्भट राजनीतिज्ञ, महाप्रतापी,अत्यंत बलशाली, शास्त्रों का प्रखर ज्ञाता, प्रकांड विद्वान, पंडित, महाज्ञानी, एवं पूंजीपति रावण की अतिसाधारण हाथों से मौत हुई क्योंकि रावण के शासनकाल में अशिक्षा, शोषण, भ्रष्टाचार ,असत्य व्याप्त था।

यदि रावण के मरने के इतने वर्षों के बाद भी अशिक्षा ,भ्रष्टाचार, चोरी ,लूट, समानता ,अन्याय ,असत्य व्याप्त है तो रावण आज भी जिंदा है। दशहरा तभी उत्साह के साथ मनाया जा सकता है अगर प्रत्येक व्यक्ति अपने अंदर के रावण का दहन करें। विदित हो कि रावण ज्ञाता ,विद्वान, प्रतापी था अर्थात आप ज्ञानी होकर के भी रावण हो सकते हैं।

त्यौहारों के मनाने के पीछे के रहस्य और मायने को समझना जरूरी है
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मौसम जब परिवर्तित होता है किसानों का आनाज जब घर आता है, प्रकृति नया स्वरूप लेती है तब दिवाली का त्यौहार मनाया जाता है। धार्मिक कारण है कि राम 14 वर्ष के वनवास के पश्चात घर वापस आते हैं तो अयोध्यावासी खुशी से दिया जलाते हैं उसी परंपरा का निर्वाह करते हुए दिपावली का त्यौहार मनाया जाता है। वैसे ही होली एवं अन्य त्योहारों का भी वैज्ञानिक एवं धार्मिक कारण है।

पर आज विचारधारा के अभाव में खरीद-फरोख्त का माहौल पैदा कर दिया है। व्यवसायीकरण से अपराधीकरण बढ़ता जा रहा है। यहां त्यौहार अहमियत नहीं रखता। बस क्षणिक शोर-सराभा है। त्यौहारों के उद्देश्यों का समाज पर कोई प्रभाव नहीं है जिसका परिणाम है भ्रष्टाचार एवं भयंकर अराजकता।

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  1. Avatar इस्लाम और हिन्दुत्व को जरूरत है एक गहरे आत्मवलोकन की - Global Khabari

    […] है। दुनिया में हिंदू धर्म एवं हिंदू संस्कृति की बहुत इज्जत है। हिंदू धर्म को शांति […]

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