ओड़ीशा के कई जिले बाढ़ से ग्रसित, कई जिले रेड अलर्ट पर
ओड़ीशा के कई जिले बाढ़ से ग्रसित, कई जिले रेड अलर्ट पर

बीते कुछ हफ्तों मे ओड़ीशा के कई जिले बाढ़ से ग्रसित हैं। कम दबाव के कारण कई जिलों में कई दिनों से बारिश हो रही थी जिससे कई इलाकों में बाढ़ आ गई थी। बाढ़ सामान्य जीवन को बहुत अधिक प्रभावित करता है और नदी के तट के पास के कई क्षेत्रों, राजमार्गों में भी तो कुछ फीट तक ऊपर गंदे पानी में डूबा हुआ है। जनजीवन काफ़ी प्रभावित है।

बाढ़ का पानी खेतों में घुसने से किसानों को काफ़ी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उनके श्रम और फसलों को नष्ट होने के कारण बहुत से किसान बेहाल हैं। कई बाढ़ क्षेत्र संचार सुविधा से कट गए हैं और कई जानवर, मनुष्य, वाहन भारी बारिश और बाढ़ के कारण बह गए हैं। बिजली भी बुरी तरह प्रभावित हुई है और महामारी की स्थिति भी आग में ईंधन डाल रही है। जहां इस महामारी के चलते स्वछता एक विशेष जरूरत बनी हुई है, बाढ़ के हालत उस समस्या को और बढ़ा सकते हैं।

सरकार ने पूरी स्थिति का विश्लेषण कर रही है और सुझाव तथा चेतावनियाँ जारी कर रही है, यह ओडिशा के कॉस्टल क्षेत्रों द्वारा सामना किया जाने वाला प्राकृतिक आपदा है, जिससे हर साल कई लोग प्रभावित होते हैं। SRC प्रदीप जेना ने बताया कि 9 जिलों में औसतन 100 मिली मीटर बारिश का सामना करना पड़ा है, जिससे विभिन्न स्थानों पर बाढ़ आ गई है। प्रमुख नदियाँ और उनकी शाखाएँ जैसे बैतरणी, बुधबलंगा, सालंदी, महानदी, तेल नदी आदि, जल स्तर चेतावनी बिंदु या बाढ़ स्तर से ऊपर बह रहीं है।

ब्राह्मणी, बैतरणी और खारस्रोता नदी प्रणालियाँ विशेष निगरानी में हैं और सभी सतर्क हैं। हम माइकिंग कर रहे हैं और तत्परता से बाढ़ आश्रय का निर्माण कर रहे हैं, नावें भी तैयार हैं। सुबरनरेखा नदी प्रणाली में मध्यम स्तर की बाढ़ की संभावना है- एसआरसी प्रदीप जेना।

अधिकारियों ने नदी के किनारे के क्षेत्रों में बाढ़ की घोषणा की है और निवासियों को निचले स्थानों को खाली करने और उच्चतर स्थानांतरित करने के लिए कहा है। राहत कार्य में ODRAF टीम और अग्निशमन दल की 10 इकाइयों को सौंपा गया है। लगातार गश्त की जा रही है। विभिन्न बांधों के कई द्वार अतिरिक्त वर्षा और बाढ़ के पानी को छोड़ने के लिए खोले गए हैं। हालांकि, विभिन्न नदी अपने चेतावनी स्तर से ऊपर बह रहीं हैं । बैतरणी का बाढ़ स्तर 17.83 है लेकिन जल स्तर 19.56 तक पहुच गया है, ऐसी ही हालत अन्य नदियों में है।

किओझर, भद्रक, बालेश्वर, संबलपुर, बोलांगीर, नयागढ़ आदि जिलों को लाल चेतावनी दी गई है। फिलहाल भारी बारिश वाले क्षेत्रों में ओडिशा के 13 जिले हैं, जिन्हें लाल चेतावनी दी गई है। ऑरेंज चेतावनी जोन या मध्यम बारिश कुल घोषित 11 जिले हैं। बंगाल की खाड़ी में हुआ कम दबाव पश्चिम बंगाल, झारखंड, छत्तीसगढ़ और एमपी तक फैल गया है। रिपोर्ट के अनुसार बारिश आगे 4 से 5 दिनों तक जारी रहेगा।

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