भारत मे आज आ रहे है लड़ाकू विमान राफेल, तैयारी पूरी अंबाला मे होगी लैंडिंग
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भारत में आज लड़ाकू विमान राफेल की लैंडिंग होगी। फ्रांस से ये राफेल 27 जुलाई को चले थे। पहले बैच में आ रहे हैं ये 5 राफेल विमान जो कि आज अंबाला पहुंचेंगे और उसके बाद भारतीय वायुसेना में शामिल हो जाएंगे। भारतीय वायुसेना के प्रमुख आर.के.एस. भदौरिया अंबाला के एयरबेस पर बुधवार (29 जुलाई) की दोपहर में पांचों राफेल विमानों को प्राप्त करेंगे। इसी को ध्यान रखते हुवे अंबाला में धारा 144 लगा दिया गया है।

पता चला है कि भारतीय राफेल विमान करीब 11 बजे संयुक्त अरब अमीरात के अल दफरा से उड़ेंगे करेंगे और दोपहर दो बजे के करीब चक अंबाला पहुंच जाएंगे। इन राफेल विमानों की लैंडिंग के लिए एक बैक बेस भी बनाया गया है। यदि अंबाला और उसके आसपास में मौसम का हाल सही नहीं रहता है तो फिर इन राफेल जेट्स की लैंडिंग जोधपुर एयरबेस पर हो सकती है।

अंबाला में राफेल फाइटर जेट्स की लैंडिंग को देखते हुए अंबाला एयरबेस के पास के 4 गांवों में धारा 144 लागू कर दिया गया है। और इसके साथ ही इन इलाकों में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी की भी मनाही है। 

अंबाला के डीएसपी ट्रैफिक मुनीष सहगल ने बताया है कि प्रशासन हाई अलर्ट पर है और लैंडिंग के दौरान छतों पर लोगों का इककठ्ठा होना, फोटोग्राफी और विडियोग्राफी पूरी तरह से निषेध है। प्रशासन ने धूलकोट, बलदेव नगर, गरनाला और पंजोखरा जैसे महत्वपूर्ण स्थानों से वायु सेना स्टेशन की फोटो को लेने के लिए निषेध कर दिया गया है।

इंडिया ने 23 सितंबर 2016 को फ्रांसीसी एरोस्पेस कंपनी “दसॉल्ट एविएशन” से 36 राफेल विमान लेने के लिए 59,000 करोड़ रुपए का अनुबंध करार किया था।

पांच विमानों की यह पहली बैच सोमवार (27 जुलाई) को फ्रांसीसी बंदरगाह शहर बोरदु में मेरिग्नैक एयरबेस से रवाना हुई थी। ये विमान लगभग 7,000 किलोमीटर की दूरी सफर करने के बाद आज दोपहर में अंबाला एयर बेस पहुंचेंगे। इन विमानों को बुधवार (29 जुलाई) को दोपहर में ही भारतीय वायुसेना में स्क्वाड्रन नम्बर 17 में शामिल किया जाना है इसे ही ‘गोल्डन एरोज’ के नाम से भी जाना जाता है।

हाँ ये बात अलग है कि विमानों को औपचारिक रूप से भारतीय वायुसेना में शम्मिलित करने के लिए मध्य अगस्त के आसपास प्रोग्राम आयोजित किया जाएंगे | जिसमें डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह और देश के शीर्ष सैन्य अधिकारियों के शामिल होने की उम्मीद जतायी जा रही है। 

इससे पहले राफेल जेट पिछले साल अक्टूबर में डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह की फ्रांस यात्रा के समय भारतीय वायुसेना को सौंपा गया था। राफेल जेट का फ़र्स्ट स्क्वाड्रन अंबाला एयरबेस पर, जबकि सेकंड पश्चिम बंगाल के हासिमारा बेस पर रहेगा। अंबाला एयरबेस को भारतीय वायुसेना का काफी खास एयर बेस माना जाता है क्योंकि यहां से भारत और पाकिस्तान सीमा केवल 220 किलोमीटर की दूरी पर ही स्थित है। भारत ने जो 36 राफेल विमान लिए हैं उनमें से 30 लड़ाकू विमान जबकि छह प्रशिक्षु विमान के तौर पर लिया हैं।

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