महामारी के काल में आरबीआई ने दी संजीवनी

कोरोना महामारी के इस काल में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई ने आम कर्ज दाता व कंपनियों एवं एमएसएमई को बड़ी राहत दी है। आरबीआई ने गुरुवार को एक बैठक की जिसमें महामारी के काल में हुए गए नुकसान की समीक्षा की जिसके बाद आरबीआई ने यह निर्णय लिया कि वह आम करदाताओं व कंपनियां एवं एमएसएमई की कर्ज सीमा को बढ़ाया जाए व कर्ज सीमा को बढ़ाकर 2 वर्ष किया गया है।

परंतु ध्यान रखा जाए कि यह बढ़ोतरी सिर्फ उन्हीं कर्जदाताओं पर मान्य होगी जिन्होंने मार्च 2020 से पहले अपनी समस्त कर्ज को विधिवत रूप से अदा किया होगा ।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ( आरबीआई ) ने मौद्रिक नीति समीक्षा बैठक मैं एक और अहम फैसला लिया है जिसमें यह बताया गया है कि गोल्ड लोन के तहत कर्ज की सीमा सोने के कुल मूल्य के 90% तक कर दिया है।

जो कि पहले 75% तक हुआ करती थी इससे उन लोगों को बड़ी राहत मिली है जिन्होंने अपने छोटे कार्यों के लिए या अपने परिवारिक जरूरतों में या मुश्किल वक्त में अपने सोने से कर्ज लेकर अपने मुश्किल वक्त से लड़ने का काम करते हैं ।

इस बैठक में रिवर्स रेपो रेट व रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं हुआ है। आशय है की रेपो रेट पिछले की तरह 4% ही रहेगी इस घोषणा का लाभ होम लोन, ऑटो लोन, पर्सनल लोन व एमएसएमई को मिलेगा ।

आपको बता दें रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया आरबीआई जिसकी स्थापना 1 अप्रैल 1935 यानी आज से लगभग 85 वर्ष पहले की गई थी जिसका हेड क्वार्टर मुंबई महाराष्ट्र में स्थित है जिस के वर्तमान गवर्नर शशिकांत दास जी हैं जो कि एक आईएएस हैं ।

आरबीआई रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया को केंद्रीय बैंक भी कहा जाता है आरबीआई समस्त बैंकों को कर्ज प्रदान करती है व उनकी मूलभूत सुविधाओं पर भी अपना अहम योगदान देती है ।

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