शिरोमणि अकाली दल एनडीए के घटक दल से अलग हुआ
शिरोमणि अकाली दल एनडीए के घटक दल से अलग हुआ

कृषि बिलों का विरोध कर रहे शिरोमणि अकाली दल ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से अलग होने का एलान कर दिया है।

हरसिमरत कौर के इस्तीफा देने के बाद ही ऐसी खबरों की अटकलें लगाई जा रही थी कि शिरोमणि अकाली दल अब एनडीए का घटक दल नहीं रहेगा जिसकी आधिकारिक तौर पर पुष्टि कर दी गई है और सभी अटकलों पर विराम भी लग गया है।

शिरोमणि दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि ‘हम एनडीए का हिस्सा नहीं हो सकते हैं जो इन अध्यादेशों को लाया है. यह सर्वसम्मति से फैसला लिया गया है कि शिरोमणि अकाली दल अब एनडीए का हिस्सा नहीं है।

हरसिमरत कौर बादल ने अपने इस्तीफे में प्रधानमंत्री को लिखा था कि कृषि उत्पाद की मार्केटिंग (Marketing) के मुद्दे पर किसानों की आशंकाओं को दूर किए बिना भारत सरकार (Indian Government) ने बिल को लेकर आगे बढ़ने का फ़ैसला लिया है. इसलिए वह इस्तीफा दे रही हैं।

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शिरोमणि दल एनडीए का बहुत पुराना घटक दल था जिसके अलग होने से एनडीए पर प्रभाव अवश्य पड़ेगा।

NDA की स्थापना 1998 में कई गई थी. शिरोमणि अकाली दल इसमें सबसे पुराने साथियों में से था। गठन के बाद से अब तक कई दल आए-गए लेकिन शिअद ने नाता नहीं तोड़ा था. किसान बिल के बाद पिछले हफ्ते शिअद ने बागी तेवर अपनाए थे, जिसकी परिणिती शुक्रवार को अलगाव से सामने आई।

किसान बिल के विरोध में शिरोमणि अकाली दल पर दबाव भी था क्योंकि अमृतसर के किसान आजकल बहुत भीषण प्रदर्शन कर रहे हैं और पंजाब राज्य से होने के नाते शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष आदरणीय बादल जी ने एनडीए से अलग होने का फैसला दिया ताकि पंजाब के किसानों मैं एक अच्छा संदेश जा सके और उनकी पकड़ और मजबूत हो सके।

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