इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालजी
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालजी दिल्ली सांकेतिक फोटो

इंजीनियरिंग की चाह रखने वाले छात्रों का अब आईआईटी ( इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालजी ) में कम रुचि हो रही है । इस साल जेईई एडवांस की परीक्षा के लिए सफल हुए ढाई लाख छात्रों में से 89136 छात्रों ने पंजीकरण नहीं कराया है। जब 18 सितंबर को पंजीकरण विंडो बंद की गई तब एडवांस परीक्षा के लिए 160864 छात्रों ने ही पंजीकरण किया था।

पिछले 5 सालों से लगातार जेईई मेंस परीक्षा को पास करने के बावजूद एडवांस के लिए पंजीकरण करवाने वालों की संख्या में गिरावट देखी जा रही है। इस गिरावट को लेकर आईआईटी (इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालजी) भी चिंतित है इसके चलते अगली जॉइंट एडमिशन बोर्ड की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा और पिछले 3 से 5 साल के ट्रेंड की समीक्षा होने के आसार हैं।

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नालजी

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सभी 23 आईआईटी में करीब 15 हजार के लगभग सीटे हैं अगर टॉप ढाई लाख छात्र पंजीकरण कराते हैं तो प्रत्येक 1 सीट पर करीब 16 अभ्यर्थी रेस में होते हैं अब के पंजीकरण के अनुसार प्रति सीट से 11 छात्र ही के बीच रेस होगी । विशेषज्ञों के अनुसार जेईई मेंस और जेई एडवांस अलग होती है एडवांस पास करना हर अभ्यर्थी के लिए मुमकिन नहीं है एडवांस को पास करने के लिए कठिन मेहनत करने की जरूरत होती है अगर आप एडवांस पास करने के बाद भी अच्छा व पुराना आईआईटी मिलने के साथ मनपसंद की stream मिलने की भी गारंटी नहीं होती है ।

यह भी इसका एक बड़ा रीजन हो सकता है। दरअसल जब मेरिट से सीट का आईआईटी आवंटन कराता है। तथा अब छात्रों में विदेशों से बैचलर डिग्री का चयन भी बढ़ने लगा है। दरअसल बीटेक के बाद अधिकतर छात्र मास्टर्स के लिए विदेश को ज्यादा पसंद कर रहे हैं ऐसे में बैचलर डिग्री भी विदेश से प्राप्त करने को ज्यादा तवज्जो दे रहे हैं।

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